लोहरदगा में फिर मिले कोरोना के तीन संक्रमित

लोहरदगा : लोहरदगा जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार को जिले के अलग-अलग स्थानों में कोविड-19 के संक्रमित लोगों की पहचान को लेकर कोरोना जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कोरोना जांच को लेकर कुल 959 लोगों का सैंपल लिया गया। जिसमें से रैट के माध्यम से 554, आरटीपीसीआर के माध्यम से 403, ट्रू-नेट के माध्यम से दो लोगों का सैंपल लिया गया। जांच में आरटीपीसीआर के माध्यम से हुई जांच में तीन लोग संक्रमित पाए गए। लोहरदगा जिले में वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण के कुल सक्रिय मामलों की संख्या सात है।

रक्षा मंत्रालय ने बताया पाकिस्तान की सीमा में कैसे फायर हुई भारत की सुपरसोनिक मिसाइल, जताया खेद

पाकिस्तान की तरफ से भारत पर आरोप लगाते हुए कहा गया था कि, भारत की तरफ से उनके देश की सीमा में एक सुपरसोनिक मिसाइल दागी गई, ये मिसाइल पाकिस्तान की सीमा के करीब 124 किमी अंदर गिरी. जिसे पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम ने ट्रेस किया था. अब भारत की तरफ से इस मामले को लेकर जवाब दिया गया है. जिसमें भारत ने माना है कि मिसाइल दागी गई थी.

रक्षा मंत्रालय के बयान के मुताबिक, भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और एक उच्च स्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (जांच) के आदेश दे दिए हैं. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस बारे में जानकारी मिली है कि ये मिसाइल पाकिस्तान में जा गिरी थी. यह घटना बेहद खेदजनक है लेकिन राहत की बात ये है कि हादसे में किसी की जान नहीं गई. रक्षा मंत्रालय ने हालांकि ये नहीं बताया कि ये कौन सी मिसाइल थी और कहां से दागी गई थी, लेकिन बयान में ये जरूर कहा गया कि नियमित रख-रखाव के दौरान तकनीकी खराबी के चलते मिसाइल अचानक फायर हो गई थी. माना जा रहा है कि ये ब्रह्मोस मिसाइल थी और हरियाणा के सिरसा एयर बेस से फायर की गई थी. सिरसा में भारतीय वायुसेना का एक अहम एयर बेस है.

पाकिस्तान ने लगाए थे गंभीर आरोप
आपको बता दें कि पाकिस्तान के मियां चन्नू में जहां ये सुपरसोनिक मिसाइल जाकर गिरी थी वो आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर के बहावलपुर स्थित घर से महज़ 160 किलोमीटर की दूरी पर है. बुधवार को जब ये मिसाइल पाकिस्तान में गिरी थी तो वहां हड़कंप मच गया था. गुरूवार को पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग के डीजी ने पाकिस्तानी वायुसेना के एयर वाइस मार्शल रैंक के अधिकारी के साथ एक बड़ी प्रेस कांफ्रेंस कर भारत पर गंभीर आरोप लगाए थे. शुक्रवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को इस घटना को लेकर तलब भी किया था. पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस मिसाइल को लेकर पीएम मोदी पर भी हमला बोला है.


पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग, आईएसपीआर यानि इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशन ने प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया था कि 9 मार्च को भारत के सिरसा से पाकिस्तान के मिया-चन्नू इलाके में एक सुपरसोनिक मिसाइल दागी गई थी. आईएसपीआर के डीजी, मेजर जनरल बब्बर इफ्तेकार ने हालांकि खुद साफ कर दिया था कि इस फ्लाइंग-ओब्जेक्ट में कोई वॉर-हेड (यानी बारूद इत्यादि) नहीं था और कोई ज्यादा नुकसान भी नहीं हुआ था. लेकिन इंटरनेशनल एयरोस्पेस सेफ्टी प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए पाकिस्तानी सेना ने इसे लापारवाही का उदाहरण दिया था.

मिसाइल को किया गया था ट्रैक
आईएसपीआर के डीजी के मुताबिक, पाकिस्तानी एयर-डिफेंस एजेंसी ने भारत की इस सुपरसोनिक मिसाइल का रूट तक ट्रैक किया था जो सिरसा के करीब से राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज की तरफ से होती हुई दोनों देशों की सीमा पार कर बहावलपुर के करीब मियां चुन्नू इलाके में जाकर गिरी थी. आईएसपीआर की प्रेस कांफ्रेंस में पाकिस्तानी वायुसेना का एक एयर वाइस मार्शल रैंक के अधिकारी ने स्क्रीन पर भारत के प्रोजेक्टाइल का रूट भी दिखाया था. इस मिसाइल ने भारत की सीमा में करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय की थी और फिर 124 किलोमीटर अंदर पाकिस्तान में जाकर गिरी थी. ये मिसाइल करीब 40 हजार फीट की ऊंचाई से नीचे आकर गिरी थी.


गौरतलब है कि पाकिस्तान के बहावलपुर से मियां चन्नू की दूरी करीब 160 किलोमीटर है. में आतंकी संगठन, जैश ए मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का घर है. जैश पर ही साल 2019 में कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने का आरोप लगा था. इस हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने जैश के पाकिस्तान स्थित बालाकोट ट्रेनिंग कैंप पर एयर-स्ट्राइक कर तबाह कर दिया था.

India accidentally fired missile into Pakistan: Defence ministry

India on Friday said that a technical malfunction led to accidental firing of a missile into Pakistan and the incident is “deeply regretted”.

“On 9 March 2022, in the course of routine maintenance, a technical malfunction led to the accidental firing of a missile. The Government of India has taken a serious view and ordered a high-level Court of Enquiry,” the defence ministry said in a statement.

It added that the missile landed in an area of Pakistan and the incident is “deeply regrettable”.

The ministry said it is a matter of relief that there has been no loss of life due to the accident.

Earlier, Pakistan had summoned India’s Charge d’Affaires and conveyed its strong protest over what it described as an “unprovoked violation of its airspace by an Indian-origin “super-sonic flying object”.
Meanwhile, Pakistan foreign affairs ministry in a statement said that such “irresponsible incidents” reflected India’s “disregard for air safety and callousness towards regional peace and stability”.

Moreover, the flight path of the flying object endangered several domestic and international flights within Pakistani airspace and could have resulted in a serious aviation accident as well as civilian casualties, said Pakistan.

“India’s envoy was told to convey to the Indian government Pakistan’s strong condemnation of this blatant violation of Pakistani airspace in contravention of the established international norms and aviation safety protocols,” it stated.

The BJP’s Big UP Election Win Explained

Assembly Elections Results 2022: For the first time in three decades, a party has been re-elected in UP, India’s most politically important state, which is a bellwether for national elections.

In an election that marks a turning point in India’s politics, one of the most remarkable stories is the BJP’s record return to power in Uttar Pradesh.
For the first time in three decades, a party has been re-elected in UP, India’s most politically important state, which is a bellwether for national elections.

The BJP won four out of five states; the Aam Aadmi Party (AAP)’s “tsunami” in Punjab is the other big story of today’s election results.

The results showed the BJP gained from a positive swing in every state except Uttarakhand, where there was a less than 2 per cent negative swing against it.

For the Congress, it is the exact opposite. There was a negative swing for the Congress in four states with a swing in their favour in Uttarakhand.

The Congress had hoped for a comeback in Uttarakhand, or at least, a close fight. However, the party ended up with 18 seats in the 70-member assembly, with the BJP comfortably above the majority mark (48).

The Congress not only lost Punjab but was decimated in all states.

In Uttar Pradesh, the votes of the non-Samajwadi Party opposition – Mayawati’s BSP, Congress and others – went down by 18%. But all of it did not go to the Samajwadi Party. Around 4% of that went to the BJP. 14% went to the Samajwadi Party and its allies.

The opposition, apart from Akhilesh Yadav’s Samajwadi Party, collapsed but the votes didn’t all switch to other opposition parties.

The BJP’s biggest victories were in the western, northeastern, Doab and Bundelkhand region, the most backward. Here the party’s wins were by huge margins of 12 to 15 per cent.

सुदर्शन भगत बोले:सात सड़क के पुनर्निर्माण की स्वीकृति

लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुदर्शन भगत की अनुशंसा पर केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना लोहरदगा जिले के सात सड़क पुनः निर्माण के लिए स्वीकृत कर दिया गया। स्वीकृति के बाद सुदर्शन भगत ने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा से जन आकांक्षाओं को प्राथमिकता में रखकर तुरंत संज्ञान में लेती रही है।

जिससे जन सुविधा बहाल क्षेत्रों में आमजन के बीच हो सके। सात अति महत्वपूर्ण सड़क स्वीकृत हुए हैं। ऐसे अनेकों सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में निर्माण किए गए हैं। उदाहरण स्वरूप बाईपास सड़क, लोहरदगा से टाटा सड़क को जोड़ा जा रहा है। जिससे अनेक प्रकार की सुविधाएं बहाल होगी।

इसी प्रकार आगामी दिनों में कई महत्वपूर्ण सड़क की सुदृढ़करण होती रहेगी। जनता को भी देश के यशस्वी प्रधानमंत्री भाई नरेंद्र मोदी के कार्यों पर पूर्ण विश्वास है। केंद्र सरकार भी हमेशा वायदे अनुरूप एक एक कार्य जनता का संपन्न कर रही है। हम सभी को भी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जन भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।

भाजपा जिला मीडिया प्रभारी पशुपतिनाथ पारस ने बताया कि स्वीकृत हुए सड़कों में एमआरआई जीमा चौक से बरांटपुरपुर, टी 04 एसएच लोहरदगा नदिया चौक से बागी गुड़ी बंडा तक, एमआरआई 23 मन्हो मोड़ से भस्को मोड़ तक, भक्सो नदी नगरा से बागी तक, जोगना मोड़ से गदिया तक, बरही से कोराम्बे जामुन दीपा घटा गलिया तक व सेरेंगहातू से पीडब्लूडी सड़क बक्सीडिपा तक शामिल है।

लोहरदगा में प्लस टू नदिया हिंदू हाई स्कूल में स्किल हब इनिशिएटिव का शुभारंभ किया गया

भारत सरकार के स्किल हब इनीशिएटिव प्रोग्राम के तहत प्लस टू नदिया हिंदू उच्च विद्यालय प्रांगण में बुधवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें स्कूल के अध्यक्ष मंजू देवी मुख्य रूप से मौजूद रही। उनके द्वारा प्रोग्राम का उद्घाटन फीता काटकर किया गया।

कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य विनीता टोप्पो ने बताया की प्रोग्राम के तहत 15 वर्ष से 29 वर्ष के ड्रॉपआउट बच्चों को टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी एवं आईटी का 6 माह का कोर्स कराया जाएगा। दोनों ट्रेड में चयनित छात्र एवं छात्राएं काफी उत्साहित है। कोर्स पूरा होने पर भारत सरकार की ओर से सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

इस रोजगार पूरक कोर्स से कई युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे। मौके पर विद्यालय के सहायक शिक्षक महेश उरांव और तुषार जायसवाल उपस्थित थे। विद्यालय के व्यवसायिक प्रशिक्षण सोहेल आलम और मोहम्मद अकबर आलम जो स्किल हब का ट्रेनिंग देंगे।

पेयजल कनेक्शन के लिए राशि में बढ़ोतरी के विरोध में भाजपाइयों ने नप का किया घेराव

नगर परिषद क्षेत्र में पेयजल कनेक्शन में राशि की भारी बढ़ोतरी, शहर में साफ-सफाई नहीं रहना, लोहरदगा शहर का मुख्य आकर्षण (सरोवर) बड़ा तालाब का अधूरा काम, शहर में स्ट्रीट लाइट की अव्यवस्था, पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं होने के साथ अन्य समस्याओं के विरोध में बुधवार को भाजपाइयों ने आवाज बुलंद की।

इसके तहत नगर परिषद का घेराव कार्यक्रम संयोजक अनिल उरांव जिला मंत्री एवं जिला अध्यक्ष मनीर उरांव एवं नगर अध्यक्ष अमरेश भारती के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं व आमजन द्वारा किया गया। इससे पूर्व भाजपाई गुदरी बाजार से जुलूस की शक्ल में नगर परिषद कार्यालय पहुंचे थे।

जहां पूर्व से तैनात पुलिस अधिकारियों व जवानों द्वारा भाजपाइयों को अंदर जाने से रोका गया। जिसके बाद नप कार्यालय गेट के समक्ष भाजपाइयों ने विरोध जताया। घेराव के दौरान समस्याओं के समाधान के लिए जन- आकांक्षाओं के अनुरूप त्वरित गति से कार्रवाई करने के लिए निम्नलिखित मांग रखी गयी।

जिला अध्यक्ष मनीर उरांव ने कहा की नगर परिषद के चुनाव हुए लगभग 4 वर्ष बीत रहे हैं। इन 4 वर्षों के दौरान जनता की अपेक्षा जो थी उसके अनुरूप कोई कार्य नहीं हुए। नगर परिषद नरक परिषद में तब्दील हो गया। दिनों दिन सिर्फ टैक्स की बढ़ोतरी हो रही है।

सुविधा के नाम पर सब शून्य है। पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा लोहरदगा नगर के विकास के लिए जो राशि सड़क निर्माण, तालाब निर्माण एवं अन्य कार्यों के लिए दी गई उस पर कोई अंकुश नहीं रख अपने चहेते ठेकेदारों को देकर आधे अधूरे कार्य किए गए। इन्हें लगता है यह जो करेंगे यहां की जनता उस पर कुछ नहीं कहेगी।

अपनी कार्यप्रणाली में नगर परिषद सुधार करें नहीं तो इस बार भाजपा द्वारा घेराव कार्यक्रम की गई है। अगर मांग नहीं मानी गई तो अगली बार भाजपा द्वारा नगर परिषद कार्यालय की तालाबंदी की जाएगी।

मौके पर राजकिशोर महतो, विशेश्वर प्रसाद दिन, हर्षनाथ महतो, नीरज कुमार नलिन, बालकृष्णा सिंह, जियाउल हक अशरफ़ी, सूरज मोहन साहू, नवीन कुमार टिंकू, जगनंदन पौराणिक, भारती सिन्हा, सूरज दशौन्धी, सुदामा प्रसाद, पशुपतिनाथ पारस, सजल कुमार, कलावती देवी, विवेक चौहान, विवेक सोनी, लखन उरांव, जितेंद्र महतो, मनीष शिखर, प्रकाश नायक, प्रदीप खत्री, शंकर प्रजापति, बाल्मीकि कुमार, पवन कुमार प्रजापति, संजय महतो, अनुप वर्मा, दीपक साहू, संतोष कुमार, बजरंग करूवा, विजय कुमार महतो, विक्रम उरांव, सत्यजीत सिंह, अनिकेत उपाध्याय सहित सैंकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।

14 सूत्री मांगो में मुख्य रूप से विक्टोरिया बड़ा तालाब का कुल क्षेत्र की मापी कर सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाने, बड़ा तालाब के अधूरे पड़े कार्यों को यथाशीघ्र पूरा करना, पेयजल के लिए बढ़ाए गए सिक्योरिटी राशि प्रति नल कनेक्शन चार्ज कम करने, सभी वार्डों में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था देने,सभी वार्डों में सफाई सुचारू रूप से कराने, नाली निर्माण के बाद बहने वाले गंदे पानी से बंजर हो रही कृषि योग्य जमीन का मुआवजा देने, सीवरेज प्लांट का निर्माण करने,होल्डिंग टैक्स वित्तीय वर्ष के दौरान जमा करने वालों से विलंब शुल्क की वसूली बंद करने, रेलवे साइडिंग बस पड़ाव में बनने वाले दुकानों को स्थानीय वार्ड के बेरोजगारों को 75% दुकान देने आदि है।

लोहरदगा-टोरी रेल लाइन को दो बड़ी ट्रेनों की सौगात, 110 किमी कम हो गई दिल्ली की दूरी

नई ट्रेन की सुविधा मिलने का लाभ इलाके के लोगों को होगा. लोहरदगा-टोरी रेलवे लाइन से जाने के कारण अब दिल्ली की दूरी में 110 किलोमीटर कम हो जाएगी. इसके अलावा रांची-चौपन एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस मूरी-बरकाकाना होकर नहीं जायेगी.

रेलवे ने लोहरदगा-टोरी रेल लाइन (Lohardaga-Tori Railway Line) को दी बड़ी ट्रेनों की सौगात दी है. रेल मंत्रालय ने इसकी सूचना पत्र जारी कर दी है. इसके तहत चौपन एक्सप्रेस (Chaupan Express) और राजधानी एक्सप्रेस को रूट डायवर्ट कर लोहरदगा-टोरी मार्ग से चलाई जाएगी. रांची-चौपन एक्सप्रेस 10 नवम्बर से लोहरदगा-टोरी मार्ग से होकर रांची के लिए जायेगी, वहीं राजधानी एक्सप्रेस 11 नवंबर से इस रूट पर शुरू होगी. रांची-चौपन एक्सप्रेस का स्टॉपेज लोहरदगा रेलवे स्टेशन दिया गया है, वहीं राजधानी एक्सप्रेस का स्टॉपेज लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर नहीं दिया गया जिसको लेकर लोग मायूस हैं.

लोग रेलवे से और स्थानीय सांसद से गुहार लगा रहे हैं कि राजधानी एक्सप्रेस का स्टॉपेज लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर दिया जाय, जिससे यहां के लोगो को लाभ पहुंच सके और राजधानी का सफर करने के लिए सुविधा हो. लोहरदगा-टोरी रेल लाइन से चलने के कारण दिल्ली की दूरी में 110 km की कमी आई है. अब रांची-चौपन एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस मूरी-बरकाकाना होकर नहीं जायेगी. लोहरदगा रेल लाइन से राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली जाने में 3 घंटे की समय की बचत होगी. लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर स्टॉपेज होने से लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, के लोगों को सुविधा होगी साथ ही व्यापार में भी वृद्धि होगी.

Two big trains gifted to Lohardaga-Tori rail line, the distance of Delhi reduced by 110 km

Jharkhand Railway New Route: The people of the area will get the benefit of getting the facility of new train. Due to going from Lohardaga-Tori railway line, now the distance of Delhi will be reduced by 110 kms. Apart from this, Ranchi-Chowpan Express and Rajdhani Express will not go via Muri-Barkakana.

Railways has given the gift of big trains to Lohardaga-Tori Railway Line. The Railway Ministry has issued its information letter. Under this, Chaupan Express and Rajdhani Express will be diverted and run on Lohardaga-Tori route. Ranchi-Chowpan Express will go to Ranchi via Lohardaga-Tori route from November 10, while Rajdhani Express will start on this route from November 11. The stoppage of Ranchi-Chowpan Express has been given at Lohardaga railway station, while the stoppage of Rajdhani Express was not given at Lohardaga railway station, due to which people are disappointed.

People are pleading with the railways and the local MP that the stoppage of Rajdhani Express should be given at Lohardaga railway station, so that the people here can benefit and there should be facility to travel to Rajdhani. Due to running on Lohardaga-Tori rail line, the distance of Delhi has reduced by 110 km. Now Ranchi-Chowpan Express and Rajdhani Express will not go via Muri-Barkakana. Rajdhani Express will save 3 hours in traveling from Lohardaga rail line to Delhi. The people of Lohardaga, Gumla, Simdega will be facilitated by having stoppage at Lohardaga railway station and business will also increase.

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